अन्नकूट (गोवर्धन पूजा): परंपरा, तिथी और घर पर मनाने का आसान तरीका

क्या इस बार आप घर पर अन्नकूट रख रहे हैं और सोच रहे हैं कि कहां से शुरू करें? अन्नकूट मतलब ढेर सारा भोग—भगवान के लिए पकवानों का समूह। यह त्योहार गोवर्धन पर्वत की पूजा से जुड़ा है और दीपावली के अगले दिन आमतौर पर मनाया जाता है।

अन्नकूट का उद्देश्य साधारण है: कृतज्ञता जताना और ज़्यादा भोग बनाकर सबको प्रसाद बाँटना। इसे बड़ी संख्या में व्यंजन तैयार करके, फूल-मालाएं, दीप और आरती के साथ सजाया जाता है।

पूजा विधि और सरल क्रम

पूजा में पहले स्थान साफ-सफाई है। एक छोटी गोद में मिट्टी या गोबर से गोवर्धन पर्वत का आकार बनाएं या पुष्प, चावल और दानों से फिगर तैयार करें। फिर भोग की थालें तैयार करें और बीच में दीप रखें। पूजा का क्रम सरल रखें:

  • सुबह स्नान और साफ कपड़े।
  • गाय के प्रति सम्मान—अगर संभव हो तो हल्दी और अक्षत दें।
  • गोवर्धन का प्रतिरूप सजाएं और भोग पर रखें।
  • आरती करें, भगवद् गीता या गोवर्धन स्तुति पढ़ें, और अंत में प्रसाद वितरण करें।

आसान और असरदार भोग-विचार

हर कोई हजार तरह के पकवान नहीं बना सकता। इसलिए चुने कुछ लोकप्रिय और जल्दी बनने वाले व्यंजन—जो घर पर आसानी से बन जाएं और बचकर भी पकाए जा सकें:

  • खिचड़ी या जीरा पुलाव — सरल, सभी को पसंद आता है।
  • कढ़ी-पुरी या सब्जी-पुरी — तला हुआ कुछ होना चाहिए तो पूरियाँ बनाएं।
  • दाल, चना या पनीर की सब्जी — प्रोटीन वाला भोग जरूरी है।
  • कर्म के लिए मीठा: बेसन के लड्डू, सूजी का हलवा या खीर।
  • फलों का कटोरा और सूखे मेवे—सौम्य और लंबे समय तक टिकते हैं।

टिप: अगर समय कम है तो कुछ तैयार खरीद कर भी शामिल कर लें—जैसे पेड़े, मिठाई या पापड़। पर कोशिश करें कि कम-से-कम प्लास्टिक और कागज़ का उपयोग हो।

भोग बनाते समय काम को बाँट लें—एक सदस्य पूड़ी सँभाले, दूसरा मिठाई और तीसरा सब्जी। इससे समय बचता है और सब मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं।

अन्त में प्रसाद बाँटते समय साफ कंटेनर और पेपर बैग का उपयोग करें। बच्चों को शामिल करें—वे फूल सजाने या प्रसाद पैक करने में मदद कर सकते हैं। पर्यावरण का ध्यान रखें: फूल-फल और खाने की चीजें ही प्रकृति हेतु लौटा दें, प्लास्टिक कम से कम इस्तेमाल करें।

अन्नकूट मनाना बड़ा सरूल और भव्य दोनों हो सकता है। ज्यादा दिखावा नहीं, बल्कि भक्तिभाव और साझा करने का जज़्बा रखना ज़रूरी है। थोड़ी प्लानिंग और परिवार की हिस्सेदारी से आपका अन्नकूट यादगार बन जाएगा। क्या आप इस बार किस व्यंजन को मुख्य भोग बनाएंगे?