आईपीओ में आवेदन करने के बाद सबसे ज्यादा लोग यही जानना चाहते हैं — मुझे शेयर मिले या नहीं? आईपीओ अलॉटमेंट की प्रक्रिया थोड़ी तकनीकी लग सकती है, पर मैं आपको सीधा और आसान तरीका बताऊँगा जिससे आप जल्दी अलॉटमेंट चेक कर सकें और अगला कदम समझ लें।
आम तौर पर आईपीओ बंद होने के 3-6 दिन के भीतर अलॉटमेंट का प्रोसेस पूरा हो जाता है। इसमें रिटेल और एनआरआई जैसी कैटेगरी अलग-अलग होती हैं। सब्ट्रक्शन, लॉट साइज और कुल डिमांड के आधार पर शेयर प्रपोर्शनल तरीके से बांटे जाते हैं। अगर ओवरसब्सक्राइब हुआ है तो रिटेल निवेशकों को रैण्डम बेसिस या प्रपोर्शेन के हिसाब से शेयर मिलते हैं।
एक चीज याद रखें — जब आप ASBA के जरिए आवेदन करते हैं तो आपकी राशि बैंक में ब्लॉक रहती है, पर खाते से कटती नहीं। अगर आपको शेयर नहीं मिलते तो बैंक वह राशि रिलीज़ कर देता है; अगर अलॉटमेंट होता है तो राशि से कटकर आपके डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट होते हैं।
अलॉटमेंट चेक करने के तीन आम तरीके हैं — रजिस्ट्रार की वेबसाइट, स्टॉक एक्सचेंज (BSE/NSE) और आपके डीमैट/ब्रोकर पोर्टल पर। सबसे तेज तरीका रजिस्ट्रार की साइट है।
स्टेप-बाय-स्टेप:
1) रजिस्ट्रार वेबसाइट पर जाएँ (जैसे KFintech, Link Intime या Bigshare) — आईपीओ पेज पर "Allotment" लिंक ढूँढें।
2) PAN नंबर, एप्लीकेशन नंबर या BPA/DP ID डालकर सर्च करें।
3) सर्च के बाद आपको "Allotted" या "Not Allotted" स्टेटस दिखेगा। साथ में अलॉटमेंट दर और शेयरों की संख्या भी मिलेगी।
4) आपका डीमैट अकाउंट और ब्रोकर पोर्टल भी अलॉटमेंट और शेयर क्रेडिट दिखाते हैं — लिस्टिंग से पहले ये अपडेट होते हैं।
यदि अलॉटमेंट नहीं हुआ तो refund कब मिलेगा? आमतौर पर 1-3 दिन के भीतर बैंक में राशि वापस आ जाती है। UPI माध्यम से किए गए एप्लीकेशन का रिफंड भी UPI यूपीआई आईडी पर वापस होता है।
अगर आपको शेयर मिलते हैं तो अगला कदम क्या है? शेयर लिस्टिंग के दिन मार्केट मॉनिटर करें। लिस्टिंग प्राइस IPO कीमत से ऊपर भी हो सकता है और नीचे भी। आप छोटे निवेशक हैं तो लिस्टिंग की उतार-चढ़ाव को समझकर ही बेचें।
क्या आप अलॉटमेंट के बाद शिकायत दर्ज कर सकते हैं? हाँ — अगर अलॉटमेंट, क्रेडिट या refund में त्रुटि दिखे तो सबसे पहले रजिस्ट्रार या आपके ब्रोकरेज से संपर्क करें। फिर भी समाधान न मिले तो कॉल करा, एक्सचेंज की वेबसाइट पर grievance फाइल कर सकते हैं।
टिप्स जो काम आएँगी: आवेदन से पहले लॉट साइज और मिनिमम बिड चेक करें, PAN सही भरें, और ASBA या UPI मैकैनिज्म समझ लें। छोटे निवेशकों के लिए IPO में पूरी तरह ओवरबिड करने से पहले रिटर्न और रिस्क आकलन करें।
अगर आप चाहें तो किसी खास आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस जानना हो तो मुझे बताइए — मैं स्टेप्स और संभावित समय-सीमा तुरंत बता दूँगा।