अफवाहें — कैसे पहचानें और क्या करें

अफवाहें हर जगह मिलती हैं — व्हाट्सएप फॉरवर्ड, सोशल मीडिया पोस्ट, और कभी-कभी समाचार की आड़ में। आपने भी किसी खबर को पढ़कर अचानक डर या खुशी महसूस की होगी और सोचा होगा—क्या यह सच है? यही वजह है कि इस "अफवाहें" टैग का मक़सद आपको असल खबर तक पहुँचाना और फेक न्यूज से बचाना है।

यहाँ हम सीधे और काम की सलाह देते हैं: किसी भी चौंकाने वाली बात पर तुरंत भरोसा न करें। पहले स्रोत देखें, तारीख चेक करें और कम से कम दो भरोसेमंद स्रोतों से पुष्टि कर लें।

कैसे पहचानें कि खबर अफवाह है?

साधारण नियम जो आप तुरंत लागू कर सकते हैं —

1) स्रोत देखें: क्या खबर किसी आधिकारिक संस्था, बड़े न्यूज रूम या प्रमाणित रिपोर्टर से आई है? बिना स्रोत वाली स्टोरी पर संदेह करें।

2) तारीख और संदर्भ: पुरानी स्टोरी को नया दिखाकर फैलाया जा सकता है। तस्वीरों की डेट रिवर्स इमेज से चेक करें।

3) उलझा हुआ भाषा या अतिशयोक्ति: अगर हेडलाइन भावनात्मक और बड़ा दावा कर रही है, पूरे आर्टिकल को पढ़कर तथ्य देखें।

4) स्क्रीनशॉट भरोसेमंद नहीं: स्क्रीनशॉट आसानी से छेड़े जा सकते हैं। मूल लिंक मांगे और वेरीफाई करें।

5) आधिकारिक बयान देखें: पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन या चुनाव आयोग जैसे स्रोतों की आधिकारिक पुष्टि सबसे भरोसेमंद होती है।

हमारी रिपोर्टिंग और यह टैग कैसे काम आएगा

इस टैग में हम अफवाहों से जुड़े लेख, फैक्ट-चेक और विश्लेषण इकठ्ठा करते हैं। उदाहरण के तौर पर, आपको यहाँ मिल सकती हैं ऐसे लेख जो अलग श्रेणियों में आती हैं—मनोरंजन से जुड़ी अटकलें जैसे "एलन मस्क के 'Kekius Maximus'...", या गंभीर घटनाओं से जुड़ी अफवाहें जैसे किसी प्लेन दुर्घटना की रिपोर्ट।

हम हर पोस्ट के साथ स्रोत और प्रमाण दिखाने की कोशिश करते हैं ताकि आप खुद भी जांच सकें। अगर कोई खबर संशयास्पद लगे, उसे शेयर करने से पहले नीचे दिए गए चरण अपनाएँ: स्रोत जांचो, तारीख देखो, तस्वीर व वीडियो रिवर्स सर्च करो और आधिकारिक मामलो में सीधे वेबसाइट या ट्विटर अकाउंट पर कन्फर्म करो।

क्या आपको किसी खास खबर पर शंका है? हमें बताइए — कमेंट में लिंक भेजें या हमारी रिपोर्टिंग टीम को भेजें। हम उसे जांचकर निष्पक्ष जानकारी देने की कोशिश करेंगे। इस टैग का उद्देश्य सिर्फ अफवाहों को उजागर करना ही नहीं, बल्कि आपको स्मार्ट रीडर बनाना भी है।

अंत में, याद रखें—एक शेयर आपकी पहुंच तक सीमित नहीं रहता, वह कई लोगों तक जाता है। थोड़ी देर रोकिए, जाँचिए और तभी आगे बढ़ाइए। यही छोटा कदम बड़े स्तर पर गलत सूचना फैलने से रोकता है।