डेटा सेंटर में आग: तुरंत क्या करें और कैसे तैयार रहें

क्या आप जानते हैं कि डेटा सेंटर में आग मिनटों में सेवाएँ ठप कर सकती है? यह पन्ना उन्हीं बातों पर सीधा और काम का गाइड है — तुरंत क्या करें, किसे बताएं और आगे कैसे तैयार रहें। हर वाक्य में काम की जानकारी है, कोई फिजूल की बात नहीं।

तुरंत करने योग्य कदम

पहला मिनट: कर्मचारियों और सुरक्षा स्टाफ को पहले सुरक्षित जगह पर निकालें। लोगों की सुरक्षा सबसे पहले होती है।

पहला 10–30 मिनट: आपात सेवाओं (फायर ब्रिगेड) को कॉल करें और डेटा सेंटर के आपात संपर्क नंबरों पर अलर्ट भेजें।

पहले घंटे में: सर्वर रूम में प्रवेश न करें—फायर साइट पर स्टाफ का निर्देशित प्रबंधन करें। अगर आप रिमोट पर हैं, तो इमरजेंसी कम्युनिकेशन चैनल (ईमेल/एसएमएस/फोन) से टीम और क्लाइंट्स को सचेत करें।

IT कदम (0–6 घंटे): ड्राइवर/ऑन-प्रेमिस हार्डवेयर के बजाय रिमोट बैकअप और क्लाउड फ़ेलओवर एक्टिवेट करें। DNS TTL कम होने पर DNS स्विच तेज़ होगा—यदि आपको पहले से नहीं किया है तो अब ही करें। RPO और RTO के हिसाब से बैकअप से सर्विस रिस्टोर शुरू करें।

कम्युनिकेशन: क्लाइंट्स को साफ संदेश भेजें—क्या डाउन है, अनुमानित समय और वैकल्पिक संपर्क। उदाहरण: "हमारी टीम को डेटा सेंटर में आग की सूचना मिली है। आपकी सेवाएँ प्रभावित हैं, हम स्वचालित फ़ेलओवर और बैकअप पर काम कर रहे हैं। अपडेट हर 2 घंटे में मिलेंगे।"

लंबी अवधि की तैयारी और रोकथाम

फायर डिटेक्शन और सप्रेशन: VESDA जैसी अर्ली डिटेक्शन सिस्टम, और FM-200 या NOVEC 1230 जैसे गैसीय सपेशन सिस्टम लगवाएँ—ये उपकरण समय पर आग पकड़ते हैं और उपकरणों को नुकसान कम करते हैं।

इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: जेनेरेटर, UPS और पावर कनेक्शन्स की नियमित जांच करें। केबल मैनेजमेंट और हॉट-एरियर कंटेनमेंट से आग फैलने का खतरा घटता है।

डेटा सुरक्षा और आर्किटेक्चर: मल्टिपल लोकेशन बैकअप रखें—ड्रॉपर-रिजायडेंसी न रखें। क्लाउड और कोलोकेशन के साथ हाइब्रिड DR योजना बनाएं। RPO/RTO टेस्ट हर छह महीने में करिए।

प्रशिक्षण और ड्रिल: कर्मचारियों के लिए फायर ड्रिल, इवैक्यूएशन प्लान और आईटी फेलओवर ड्रिल नियमित रखें। असली घटना में अभ्यास ने ही सबसे अच्छे निर्णय कराएंगे।

बीमा और कानूनी तैयारी: इन्श्योरेंस कवरेज, SLA क्लॉज़ और रेगुलेटरी रिपोर्टिंग की जानकारी ताज़ा रखें। घटना के बाद दस्तावेज़ीकरण तुरंत शुरू करें—फोटो, टाइमलाइन और कम्युनिकेशन लॉग काम आएंगे।

अंत में एक छोटा चेकलिस्ट: (1) लोगों की सुरक्षा, (2) आपात सेवाएँ कॉल, (3) क्लाइंट को सूचना, (4) क्लाउड/बैकअप पर स्विच, (5) घटना रिकॉर्ड और जांच। हर संगठन को यह सरल प्रक्रिया तय कर रखनी चाहिए।

अगर चाहें, मैं आपकी टीम के लिए एक छोटा इमरजेंसी चैक्स्लिस्ट और एक क्लाइंट कम्युनिकेशन टेम्पलेट बना कर दे सकता हूँ। बताइए किस सेक्शन की प्राथमिकता चाहिए।