क्या आप IIT प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं या तैयारी शुरू करने वाले हैं? हर साल लाखों छात्र JEE Main और JEE Advanced के लिए लड़ते हैं, लेकिन सही रणनीति से सफलता के आसार बहुत बढ़ जाते हैं। यहाँ सीधे, काम आने वाले स्टेप्स मिलेंगे जो आपको रूटीन से लेकर परीक्षा-दिवस तक मदद करेंगे।
पहला काम: सिलेबस और पैटर्न अच्छे से समझ लें। JEE Main में विषय-वार प्रश्न और JEE Advanced में ठोस कॉन्सेप्टिंग ज़रूरी होते हैं। NCERT को बेस बनाइए और फिर कॉन्सेप्ट क्लियर करने के लिए भरोसेमंद रिफरेंस किताबें लें।
रोज़ाना रूटीन बनाइए: पढ़ाई को छोटे सत्रों में बांटें — 2–3 घंटे का फोकस सत्र और बीच में ब्रेक। गणित, फिजिक्स और केमिस्ट्री को रोटेशन में रखिए ताकि किसी विषय पर कम दबाव न पड़े।
प्रैक्टिस पर ज़ोर दें: रोज़ कम-से-कम एक मॉक या पेपर सॉल्व करें। टाइमिंग, नेगेटिव मार्किंग और तत्त्वों को समझना मॉक से ही आता है। कमजोर टॉपिक्स की लिस्ट बनाएँ और हर हफ्ते उन पर काम करें।
माथेमेटिक्स में फॉर्मूला रिवीजन और प्रैक्टिस, फिजिक्स में बेसिक कॉन्सेप्ट समझना और केमिस्ट्री में रिएक्शन-प्रैक्टिस पर ध्यान दें। पैटर्न बदल सकता है, पर बेसिक कॉन्सेप्ट कभी बदलते नहीं।
परीक्षा से पहले कम-पापा रिवाइज़न करें — फार्मूला, शॉर्ट नोट्स और हल किए गए प्रश्न। परीक्षा दिन पर रिलैक्स रहें; देर रात की क्रैमिंग अक्सर नुकसान पहुंचाती है। पेपर पढ़ते ही आसान प्रश्न पहले करें और समय प्रबंधन पर कड़ी निगरानी रखें।
JEE Advanced क्लियर होने पर JoSAA की काउंसलिंग और कॉलेज चुनाव की प्रक्रियाएँ आती हैं। रैंक के अनुसार इंस्टिट्यूट और ब्रांच चुनते समय प्लेसमेंट, फैकल्टी और कोर्स-इंटरेस्ट का ध्यान रखें।
अगर रैंक उम्मीद के अनुरूप नहीं आई तो विकल्प देखें — NITs, IIITs या अन्य राज्य-स्तरीय कॉलेज भी शानदार हैं। एक साल और पढ़ने का निर्णय लें तो री-एप्रोच की रणनीति बनाइए: कमजोर दिशा पर काम, मॉक की संख्या बढ़ाना और मेंटॉरशिप लेना लाभदायक रहता है।
अंत में, नियमित नींद, संतुलित खुराक और थोड़ा ब्रेक अनिवार्य रखें। तनाव कम रखने के लिए छोटा वॉक या ध्यान करें। IIT प्रवेश कठिन है, पर सही प्लान, लगातार परिश्रम और स्मार्ट प्रैक्टिस से आप रैंक में जगह बना सकते हैं।