IP68 रेटिंग क्या है? आसान शब्दों में पूरी जानकारी

जब आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो अक्सर ‘IP68’ देख कर आश्चर्य होते हैं – इसका मतलब क्या होता है और आपका फोन सच‑मुच पानी से बचाव करता है या नहीं? चलिए इसे सरल भाषा में समझते हैं।

IP कोड की बेसिक समझ

‘IP’ का पूरा नाम ‘Ingress Protection’ है, यानी बाहरी तत्वों से सुरक्षा का स्तर. इसको दो अंकों में बताया जाता है – पहला अंक धूल (solid particles) के लिए और दूसरा जल (liquid) के लिए। 0 से 6 तक की रेंज होती है, जहाँ 6 सबसे ज्यादा सुरक्षित होता है.

इसी तरह, पानी के लिए 0‑9 तक का स्केल है. जब आप ‘IP68’ देखते हैं तो इसका मतलब: धूल से पूरी तरह बचाव (पहला 6) और 1 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक बिना नुकसान के चलना (दूसरा 8).

वास्तविक दुनिया में IP68 का क्या मतलब?

अधिकांश फ़ोन निर्माता दावा करते हैं कि उनका डिवाइस ‘IP68‑certified’ है, पर इसका अर्थ यह नहीं कि आप उसे बाथटब या समुद्र में फेंक सकते हैं. टेस्ट लैब की स्थिति अलग होती है – स्थिर पानी, साफ़ सतह और निश्चित दबाव.

उदाहरण के तौर पर, अगर आपका फोन 1.5 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक रहता है, तो आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता. लेकिन नमक वाले समुद्र का पानी, हाई‑प्रेशर जेट या अचानक गिरना अलग बात है; ये स्थितियाँ IP68 टेस्ट में शामिल नहीं होतीं.

तो रोज़मर्रा की उपयोगिता के लिए क्या करें? अगर आप अक्सर बारिश में फ़ोन इस्तेमाल करते हैं, या जिम में पसीने से बचाव चाहते हैं, तो IP68 वाला डिवाइस आराम से चल सकता है. लेकिन इसे स्नॉर्कलिंग या वाटरस्पोर्ट्स के लिए नहीं माना जाना चाहिए.

एक और बात – चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल अक्सर पानी के प्रवेश बिंदु बनते हैं. इसलिए अगर आप फ़ोन को गीला कर देते हैं, तो तुरंत हल्के से सुखा लें और किसी भी धूल/जल कण को साफ़ करें.

संक्षेप में: IP68 एक भरोसेमंद सुरक्षा संकेत है, पर इसे सही समझकर इस्तेमाल करना जरूरी है. अब जब आप अगली बार फोन खरीदेंगे, तो ‘IP68’ के पीछे की असल शक्ति को जानते हुए चयन कर सकते हैं.