ओटेट 2024 के लिए तैयारी कर रहे हैं? यहाँ आपको परीक्षा की मुख्य बातें, सिलेबस और काम आने वाले प्रैक्टिकल टिप्स मिलेंगे। हर पॉइंट सीधे और स्पष्ट है ताकि आप बिना घुमाव के तैयारी पर फोकस कर सकें।
ओटेट (OTET) आमतौर पर दो पैपर में होता है — पेपर I (कक्षा 1-5 के लिए) और पेपर II (कक्षा 6-8 के लिए)। आवेदन शुरू होते ही पता कर लें कि आपकी पात्रता (शैक्षिक योग्यता) और आयु सीमा क्या है।
जरूरी दस्तावेज: शैक्षिक प्रमाणपत्र, पहचान-पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर। आवेदन फॉर्म भरते समय फॉर्म को ध्यान से भरें — गलती सुधारने के लिए बाद में समय कम मिलता है।
प्रत्येक पेपर में सामान्यतः 150–150 प्रश्न होते हैं और समय सीमा लगभग 2.5 घंटे रहती है। प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होते हैं। प्रमुख भाग ये होते हैं: बाल विकास व शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy), भाषा I, भाषा II, गणित / पर्यावरण अध्ययन (वर्ग अनुसार), और सामाजिक विज्ञान/विज्ञान।
प्रैक्टिकल सुझाव: सिलेबस की सूची बनाकर प्रत्येक विषय के लिए सप्ताहवार लक्ष्य रखें। बच्चे के विकास और शिक्षण पद्धतियों पर आधारित सवालों के लिए NCERT की किताबें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र सबसे उपयोगी रहते हैं।
रूटीन बनाइए: रोज कम से कम 3–4 घंटे पढ़ने का शेड्यूल रखें। शुरुआत पहले कमजोर विषय से करें ताकि समय रहते सुधार हो सके।
पिछले प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें। टाइम मैनेजमेंट और प्रश्न समझने की आदत मॉक से ही आती है। हर मॉक के बाद अपनी गलतियों की लिस्ट बनाएं और उन्हें दोबारा पढ़ें।
नोट्स बनाएं: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के लिए छोटे-छोटे नोट्स बनाइए, ताकि परीक्षा से पहले तेजी से रिवीजन हो सके। गणित के फ़ॉर्मूले और व्यावहारिक उदाहरणों को याद रखना आसान बनाएं।
समूह अध्ययन कभी-कभी फायदेमंद होता है — विचार-साझा करने से दृष्टिकोण बदलते हैं और कमजोरियों पर काम करने का तरीका मिलता है।
अंतिम हफ्ते में नया सिलेबस पढ़ने की कोशिश मत कीजिए। रिवीजन और मॉक टेस्ट पर फोकस रखें। परीक्षा दिन से पहले परीक्षा केंद्र का रूट और दस्तावेज़ चेक कर लें।
रिजल्ट और कटऑफ: रिजल्ट जारी होने के बाद कटऑफ और मेरिट सूची देखकर आगे की प्रक्रिया (काउंसलिंग/दस्तावेज़ सत्यापन) के लिए तैयार रहें। कटऑफ हर वर्ष बदलती है, इसलिए पिछले वर्षों के ट्रेंड देखें पर उसे आख़िरी मानें नहीं।
अगर आप किसी खास हिस्से में फंसे हैं तो सवाल पूछिए — छोटे लक्ष्य और लगातार अभ्यास ही सफल बनाते हैं। शुभकामनाएँ — मेहनत का सही उपयोग करें और शांत मन से परीक्षा दीजिए।