आपके फोन पर हर दिन कितने व्हाट्सएप संदेश आते हैं? कुछ मजेदार होते हैं, कुछ जरूरी और कुछ ऐसे जिनपर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। यहाँ सीधे, काम आने वाले तरीके दिए जा रहे हैं ताकि आप भी भूल-चूक से झूठा मैसेज फैलाने से बचें और अपनी प्राइवेसी मजबूत रखें।
अगर किसी संदेश में शॉकिंग खबर, बड़ी खबर या 'फॉरवर्ड करो' जैसा दबाव दिखे तो रुकें। सबसे आसान तरीका है — संदेश की कोई मुख्य बात गूगल पर सर्च करें। वेब पर उसी शब्दों या लिंक को खोजकर देखें कि कौन-कौन से भरोसेमंद स्रोत रिपोर्ट कर रहे हैं। सरकारी वेबसाइट, प्रमुख समाचार साइट या आधिकारिक एजेंसी की पुष्टि नहीं मिलने पर आगे न बढ़ें।
लिंक पर क्लिक करने से पहले URL पर ध्यान दें: छोटी-छोटी स्पेलिंग बदलकर नकली साइट बनाए जाते हैं। OTP, बैंक डिटेल या UPI अनुरोध वाले मैसेज कभी भी सावधान होकर खोलें — असल बैंक कभी भी ऐसे जानकारी संदेश में नहीं माँगते।
व्हाट्सएप में दो स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें। यह PIN जैसा काम करता है और नंबर चोरी होने पर भी आपकी चैट सुरक्षित रखता है। सेटिंग > अकाउंट > टू-स्टेप वेरिफिकेशन से इसे एक्टिवेट कर लें।
ग्रुप सेटिंग्स में बदलें कि कौन आपको ग्रुप में जोड़ सकता है — यह अनचाहे स्पैम और फेक मैसेज रोकने में मदद करता है।{" "}डिसएपियरिंग मैसेज और स्टोरी प्राइवेसी को समझकर उपयोग करें ताकि पुरानी संवेदनशील जानकारी लंबे समय तक न रहे।
अनजाने नंबर से आए मैसेज में लिंक, फाइल या एक्सटेंशन (जैसे .exe, .zip) खोलने से बचें। स्कैम वाले मैसेज अक्सर थर्ड-पार्टी ऐप लिंक देते हैं जो आपकी जानकारी चुरा सकते हैं। ऐसे संदेशों को ब्लॉक और रिपोर्ट कर दें।
ग्रुप में कुछ साझा करते समय संदर्भ दें। सिर्फ तस्वीर या स्टेटमेंट फॉरवर्ड करने की बजाय एक लाइन में स्रोत या कारण बताइए— इससे आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है और गलत सूचनाएँ कम फैलती हैं।
अगर किसी संदेश के सच का भरोसा नहीं है तो उसे शेयर न करें। किसी पर सॉर्ट-ऑफ प्रेशर बनाकर शेयर करवाना भी गलत है—सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी दोनों तरफ की है।
अगर आप ताज़ा खबर या वेरिफाइड अपडेट चाहते हैं तो उन चैनलों या वेबसाइट्स को फॉलो करें जिनकी विश्वसनीयता साफ है। थिवरा पर इस टैग पेज के जरिए आप व्हाट्सएप संदेश से जुड़े लेख और अपडेट आसानी से देख सकते हैं।
इन छोटे-छोटे नियमों को अपनाकर आप खुद सुरक्षित रहते हैं और दूसरों को भी गलत जानकारी से बचाते हैं। बस थोड़ी सावधानी और थोड़ी समझदारी — फर्क बहुत बड़ा होगा।