आचार संहिता (Model Code of Conduct) चुनाव और सार्वजनिक जीवन में साफ़-सुथरे तरीक़े बनाए रखने का नियम है। यह सिर्फ पार्टियों या उम्मीदवारों के लिए नहीं, बल्कि प्रशासन और मीडिया के व्यवहार के लिए भी लागू होती है। खास बात यह है कि यह नियम चुनाव की घोषणा होते ही लागू हो जाते हैं और वोट गिनने तक बने रहते हैं।
सोचिए अगर कोई सरकारी अफ़सर चुनाव में पक्षपात करे या सरकारी पैसे से प्रचार हो — नतीजा निष्पक्षता खत्म। आचार संहिता से ऐसी समस्याओं पर नजर रखी जाती है।
नियम सरल हैं और समझने में आसान:
इन नियमों का उल्लंघन सीधे चुनाव निरीक्षक या चुनाव आयोग की कार्रवाई तक ले जा सकता है।
अगर आप कोई उल्लंघन देखते हैं तो कदम उठाना आसान है। पहले शान्त रहें और निम्न तरीका अपनाएँ:
शिकायत दर्ज कराने पर चुनाव आयोग नोटिस भेजता है और ज़रूरत पड़ने पर जांच या चुनाव प्रचार बंद करवा सकता है। कई बार FIR भी दर्ज होती है और दोषी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
अंत में, आचार संहिता सिर्फ नियम नहीं — यह आपके व मेरे लोकतंत्र की सुरक्षा है। अगर आप जागरूक होंगे तो दबाव कम होगा और चुनाव निष्पक्ष रहेंगे। हमारी साइट "दैनिक समाचार भारत" पर इस टैग के तहत जुड़ी खबरें नियमित अपडेट होती हैं, इसलिए ऑब्जरवेशन या शिकायत की नई जानकारी के लिए पेज को फॉलो करें।
कोई सवाल है? क्या आपने हाल ही में आचार संहिता उल्लंघन देखा है? नीचे कमेंट कर बताइए या खबर रिपोर्ट करिए — आपकी एक छोटी सी रिपोर्ट बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।