दिल्ली की अदालतें बड़ी और व्यस्त हैं। कौन सी अदालत कहां है — तिस हजारी, पटियाला हाउस, करकड़ूमा, रोहिणी, साकेत — ये नाम अक्सर सुनने को मिलते हैं। अगर आपका मुकदमा दिल्ली में है या चल सकता है, तो कुछ आसान कदम अपनाकर आप समय और झंझट बचा सकते हैं।
सबसे तेज़ तरीका है eCourts और Delhi District Courts की आधिकारिक वेबसाइट। केस नंबर या पक्षकार का नाम डालकर आप कारण सूची, अगली सुनवाई की तिथि और फैसले डाउनलोड कर सकते हैं। अगर पास केस नंबर नहीं है तो वकील से केस नंबर मांगें या कोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर सर्च करवा लें।
कुछ प्रमुख कदम जो तुरंत काम आएंगे:
कोर्ट में कोई भी पर्थी फाइल करने से पहले मूल दस्तावेज़, सेल्फ-ऐटेस्ट कॉपियां और फाइलिंग फीस की रसीद तैयार रखें। दिवानी मामलों में plaint/ plaint की कॉपी, आपराधिक मामलों में शिकायत/FIR और charge sheet की कॉपियां साथ रखें।
अगर आप खुद फाइल कर रहे हैं तो Delhi District Courts के e-filing सिस्टम का इस्तेमाल करें — यह घर से फाइलिंग और स्टेन्डिंग कॉपी डाउनलोड करने में मदद करता है। वकील हों तो vakalatnama, पहचान पत्र और फीस रसीद साथ रखें।
एक छोटी चेकलिस्ट जो मैं अक्सर बताता/बताती हूँ:
अगर फाइनेंशियल मदद चाहिए तो District Legal Services Authority (DLSA) से मुफ्त कानूनी मदद मिल सकती है।
अंत में कुछ व्यवहारिक टिप्स: कोर्ट सुबह जल्दी खुलती है और बासी कारण सूची में बदलाव होते रहते हैं, इसलिए समय से पहले पहुंचें। सिक्योरिटी चेक होता है — इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सीमित होते हैं, इसलिए अनावश्यक चीजें घर छोड़ें। कपड़े औपचारिक रखें और सभ्य व्यहवार रखें — यह आपके मुद्दे को गंभीरता से दिखाता है।
अगर आप नई सुनवाई की सूचना चाहते हैं तो वकील से नोटिफिकेशन सेवाएं सेट करवाएं या eCourts की SMS/Email अलर्ट सेवाओं का विकल्प देखें। दिल्ली अदालत के अनुभव को कम तनाव वाला और असरदार बनाने के लिए तैयारी और सही जानकारी सबसे बड़ा हथियार है।