हमले अचानक होते हैं और डरावने भी। ऐसे वक्त में कुछ सरल, सही कदम आपकी और दूसरों की जान बचा सकते हैं। नीचे सीधे व्यवहारिक टिप्स हैं जिन्हें किसी भी तरह के हमले (भौतिक हमले, गोलीबारी, आतंकी घटना या भीड़-हंगामा) में तुरंत लागू किया जा सकता है।
1) भागो, छुपो, लड़ो — यह आसान नियम याद रखें। सबसे पहले सुरक्षित मार्ग से वहां से दूर भागें। अगर भागना संभव न हो तो मजबूत जगह पर छिपें और चुप रहें। अगर बचने के सारे रास्ते बंद हों तो आखिरी विकल्प के तौर पर विरोध करें, तेज़ और निर्णायक तरीके से हमला करने वाले को भटकाने की कोशिश करें।
2) अगर घायल हों तो खुद को सुरक्षित जगह पर ले जाएँ। गहरे घाव पर दबाव डालकर रक्तस्राव कम करें। प्लेटिक बैगी या कपड़े से घाव पर मजबूती से दबाव रखें। सांस लेने में दिक्कत हो तो मदद मांगें पर आवाज़ कम रखें ताकि स्थिति और खराब न हो।
3) तुरंत नंबर डायल करें — भारत में 112 राष्ट्रीय आपातकाल नंबर है। स्थानीय पुलिस 100 और एम्बुलेंस के लिए 102/108 भी इस्तेमाल होते हैं। कॉल पर शांत स्वर में बताइए: आप कहाँ हैं, क्या हुआ और कितने लोग घायल हैं।
1) सबूत सुरक्षित रखें — यदि बच गए हैं तो मौके पर मौजूद फोटो, वीडियो और गवाहों के नाम नोट करें। पर किसी चीज़ को छुएँ नहीं जिससे पुलिस की जांच प्रभावित हो।
2) पुलिस को जानकारी देते समय तथ्य पर टिके रहें। जहाँ-कब-किसने-क्या किया, यह सरल क्रम में बताइए। FIR दर्ज कराने की मांग करें अगर ज़रूरी हो। कानूनी सलाह चाहिए तो जल्दी से वकील से संपर्क करें।
3) खबरें बाँटते समय सावधान रहें — सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलना आम है। किसी भी वीडियो या जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोत (पुलिस, सरकारी एजेंसी, भरोसेमंद न्यूज़ साइट) से पुष्टि कर लें। गलत जानकारी से पीड़ितों और परिवारों को और नुकसान हो सकता है।
4) भावनात्मक मदद लें — हमले के बाद डर, चक्कर और टूटन सामान्य हैं। अपने परिवार या दोस्तों से बात करें। जरूरत लगे तो अस्पताल या स्थानीय हेल्पलाइन से काउंसलिंग लें।
रोकथाम के कुछ साधारण कदम: सार्वजनिक जगहों पर सतर्क रहें, अनजान पैकेज नजर आते ही दूरी बनाएं, और भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। याद रखें, त्वरित सही फैसला अक्सर बड़ी मदद कर देता है। अगर आप इस टैग की खबरें पढ़ रहे हैं तो हमारी कोशिश है कि आपको ताज़ा घटनाओं के साथ व्यवहारिक सलाह मिलें ताकि आप सुरक्षित रह सकें और सही कदम उठा सकें।