आपने खबरों में कई बार NDRF का नाम सुना होगा, लेकिन इस टैग पेज पर हम आपको वही चीज़ देंगे जो आपके लिये सीधे उपयोगी है। यहाँ हर दिन के अपडेट मिलेंगे—फिलहाल कौन‑से क्षेत्र में राहत चल रही है, क्या नया प्रशिक्षण हुआ और आप खुद कैसे मदद कर सकते हैं। पढ़ते रहिए, ताकि अगली बार आपदा आए तो तैयार रहें।
अगस्त 2024 में ओडिशा के सिमले के बाढ़ ने कई गांवों को पानी में डुबो दिया था। NDRF की टीम ने तेज़ी से एयरो‑ड्रॉप्स, नावें और हाई‑क्यूट इंट्रा‑वेसल टैंकर भेजे। 1500 परिवारों को अस्थायी शरण दी गई, जबकि 300 किलोग्राम दवा व भोजन पहुँचाया गया। इस काम में स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और स्वयंसेवी समूहों का सहयोग रहा।
फिर जुलाई में उत्तराखंड के माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर हिमस्खलन हुआ। NDRF ने हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, 45 यात्रियों को सुरक्षित निकाला और दो बचे हुए शिबिरों को सप्लाई दी। इस मिशन की सफलता का बड़ा कारण टीम की नियमित प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण था।
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, NDRF ने पिछले महीने मध्यप्रदेश में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए जल बचाव परियोजना शुरू कर दी है। 2000 किमी तक नहरों और जलाशयों का रख‑रखाव किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ की संभावना कम होगी।
अगर आप भी NDRF के काम में हाथ बटाना चाहते हैं तो दो आसान रास्ते हैं। पहला, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का स्वयंसेवी प्रोग्राम है—यहाँ आप प्रशिक्षण ले सकते हैं और स्थानीय राहत कार्यों में भाग ले सकते हैं। दूसरा, दान देना। आधिकारिक वेबसाइट पर बैंक खाता या डिजिटल पेमेंट विकल्प उपलब्ध हैं; हर छोटी राशि भी ज़रूरी चीज़ें खरीदने में मदद करती है।
सुरक्षा के बारे में सोच रहे हैं? NDRF की एक विशेष पहल ‘घर‑पर‑तैयारी’ चल रही है, जिसमें आप अपने घर को बाढ़, भूकंप या आग से बचाने के लिये सरल उपाय सीख सकते हैं। उदाहरण के लिए, पानी का रुकावट वाला दरवाजा बनाना, फायर एक्सटिंग्यूइज़र रखना और जरूरी दस्तावेज़ों की डिजिटल कॉपी तैयार रखना।
हमारा टैग पेज इन सभी खबरों को एक जगह रखता है ताकि आप जल्दी से जानकारी पा सकें। जब भी कोई नई घटना या राहत कार्य हो, हम उसका सारांश यहाँ डालते हैं। इस तरह आप हमेशा अपडेटेड रहेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।
समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिये NDRF अक्सर स्कूलों और कॉलेजों में शॉर्ट वर्कशॉप्स आयोजित करता है। अगर आपका संस्थान इन कार्यक्रमों में भाग लेना चाहता है, तो संपर्क फ़ॉर्म भरकर आपसे जुड़ने की बात कर सकते हैं। छोटे‑छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं—इसीलिए हर जानकारी का महत्व है।