जब बात आती है ओवल, लंदन में स्थित दुनिया का सबसे पुराना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जहाँ 1845 से टेस्ट क्रिकेट खेला जा रहा है. इसे विक्टोरिया ओवल भी कहा जाता है, और यह भारत के लिए एक खास मैदान रहा है। यहाँ भारत ने कई बार इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज की है, और ये मैच अक्सर टेस्ट सीरीज के फैसले करने वाले होते हैं।
मोहम्मद सिराज, भारत के तेज़ गेंदबाज, जिन्होंने 2025 में ओवल पर इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को धूल चटाई ने ज़ाक क्रॉली को आउट करके भारत को जीत की ओर बढ़ाया। यहीं भारत की टीम ने 324 रनों के पीछे जाकर भी लड़ाई नहीं छोड़ी। ओवल की ग्राउंड और हवा का मिश्रण गेंदबाजों के लिए चुनौती बनता है, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ इसे अपने पक्ष में बदल चुके हैं। यह स्टेडियम केवल एक मैदान नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट, क्रिकेट का सबसे पुराना और सबसे कठिन फॉर्मेट, जहाँ 5 दिनों तक जीत या हार का फैसला होता है की वास्तविकता को दर्शाता है।
इसी ओवल में भारत के कई खिलाड़ियों ने अपने करियर के सबसे बड़े मैच खेले हैं। यहाँ की ग्राउंड शर्तें अलग होती हैं — गेंद जल्दी नहीं उछलती, लेकिन बाद में घूमती है। इसलिए भारत के गेंदबाज़ इसे समझकर खेलते हैं। आपके सामने वाली पोस्ट्स में आप देखेंगे कि कैसे सिराज ने इसी मैदान पर इंग्लैंड को झुकाया, कैसे टेस्ट सीरीज 2-2 पर बराबर हुई, और क्यों ओवल अभी भी दुनिया का सबसे डरावना मैदान है। यहाँ कोई चमत्कार नहीं, बस तैयारी और दिमाग की लड़ाई है।