सिविल शादी: सरल गाइड

क्या आप धार्मिक रस्मों के बिना या अलग मज़हब के साथ शादी करना चाहते हैं? सिविल शादी यानी कोर्ट मैरिज आपके लिए ठीक विकल्प है। सीधी बात: यह कानून के तहत पंजीकृत शादी है, जो दोनों पक्षों को वैधानिक अधिकार देती है। नीचे आसान भाषा में पूरा प्रोसेस और जरूरी दस्तावेज दिए हैं।

सिविल शादी कैसे होती है? (प्रोसेस)

साधारण तौर पर सिविल शादी दो तरीकों से होती है — स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत या लोकल रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण करवा कर। अगर दोनों पार्टियों का धर्म अलग है या आप बिना धार्मिक समारोह के शादी करना चाहते हैं तो Special Marriage Act चुनें।

स्टेप-बाय-स्टेप:

  • 1) निकटतम रजिस्ट्रार ऑफिस में नोटिस दाखिल करें।
  • 2) नोटिस के बाद 30 दिन का पब्लिक ऑब्जेक्शन पीरियड रहता है।
  • 3) कोई आपत्ति न आने पर-मैरिज ऑफिसर शादी की तारीख तय कर देता है और शादी को सॉलेम्नाइज़ करता है।
  • 4) शादी के समय दूल्हा-दुल्हन और गवाह दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं — Special Marriage Act में सामान्यतः 3 गवाह चाहिए।
  • 5) रजिस्ट्रेशन के बाद विवाह प्रमाणपत्र जारी होता है, जो कानूनी पहचान बनता है।

जरूरी दस्तावेज और ध्यान देने वाली बातें

कौन-कौन से कागज़ चाहिए? यह करीब-करीब वही होते हैं जिनकी सामान्य पहचान के लिए माँग होती है:

  • आयु का प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं मार्कशीट
  • पहचान और पता: आधार कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो (दो-दो प्रति)
  • स्टेटमेंट/अफिडेविट: अविवाहित होने की शपथ या तलाक/विधवा का प्रमाण (यदि लागू हो)
  • विदेशी नागरिक हों तो पासपोर्ट, वीज़ा और दस्तावेजों का प्रमाण-अनुवाद

कई रजिस्ट्रार ऑफिस ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करते हैं। पहले अपनी लोकल रजिस्ट्रार वेबसाइट देख लें। अगर नोटिस पर कोई आपत्ति आ जाए तो मामले की जांच हो सकती है और प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

कौन-सी उम्र चाहिए? कानून के अनुसार दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 साल और दुल्हन की 18 साल है।

सिविल शादी के फायदे?

  • धार्मिक रस्मों से अलग, सरल और ऑफिशियल साबित होती है।
  • इंटर-फेथ मैरिज आसान होती है।
  • वौरियां: बैंक, पासपोर्ट, वीज़ा, संपत्ति व अन्य कानूनी कामों में वैधता मिलती है।

प्रैक्टिकल टिप्स: नोटिस से पहले सभी दस्तावेज की स्कैन कॉपी रखें, गवाहों की आईडी साथ रखें, और लोकल रजिस्ट्रार से फीस व समय की पुष्टि कर लें। विदेशियों के लिए अनुवादित और कॉन्सुलेट-नोटरी किए हुए कागज़ ज़रूरी होते हैं।

अगर आप जल्दी में हैं तो कोर्ट मैरिज के विकल्प और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले से समझ लें ताकि 30 दिन का पीरियड और जरूरी कागज़ समय पर तैयार रहें। सिविल शादी साफ, कानूनी और आधुनिक विकल्प है—पर तैयारी अच्छी होनी चाहिए।