क्या आपका बिजनेस एक्सपोर्ट या इम्पोर्ट करता है? अक्सर कंपनियाँ trade agreement के फायदा भूल जाती हैं—या नियम न समझकर अतिरिक्त टैक्स देती हैं। यहाँ मैं सीधी भाषा में बताऊँगा कि व्यापार समझौता क्या है, इसे कैसे पढ़ें और अपने कारोबार के लिए हल्के कदम क्या होंगे।
व्यापार समझौता वस्तुओं या सेवाओं पर कायदे-कानून और टैक्स के नियम तय करता है। यह द्विपक्षीय (दो देशों के बीच), बहुपक्षीय (कई देशों) या क्षेत्रीय (जैसे ASEAN‑भारत) हो सकता है। समझौता बनने पर टैरिफ कम होते हैं, नियम बदलते हैं और बाजार खोलते हैं—पर साथ में कागजी कार्रवाई और कंडीशन्स भी जुड़ते हैं।
सबसे पहले अपने प्रोडक्ट की सही HS कोड (Harmonized System) ढूँढें। HS कोड तय करेगा कि किस समझौते के तहत आप छूट ले सकते हैं। फिर देखें कि किस समझौते में आपका उत्पाद "Rules of Origin" की शर्तें पूरी करता है। अक्सर फायदेमंद होने के लिए माल का एक तय प्रतिशत उसी देश में बनना चाहिए।
इसके बाद, Certificate of Origin की प्रक्रिया समझें—यह कस्टम्स में छूट लेने के लिए जरूरी दस्तावेज होता है। भारत में exporters के लिए Chamber of Commerce या स्थानीय प्राधिकरण इसे जारी करते हैं। ध्यान रखें: गलत प्रमाणपत्र देने पर पेनल्टी लग सकती है।
1) समझौते की सूची चेक करें: DGFT और वाणिज्य मंत्रालय की वेबसाइट पर देखें कि किस देश के साथ कौन सा समझौता लागू है (जैसे CEPA, FTA आदि)।
2) लागत-लाभ का मिलान करें: कम टैरिफ का मतलब हमेशा सस्ता नहीं। लॉजिस्टिक्स, लाइसेंस और कम्प्लायंस लागत जोड़कर देखें।
3) दस्तावेज़ीकरण पर ध्यान दें: इनवॉइस, पैकिंग सूची, बिल ऑफ लैंडिंग और COA सही रखें। छोटे चूकों से भी कस्टम क्लेम रद्द हो सकता है।
4) जोखिम समझें: लोकल इंडस्ट्री पर असर, ट्रैफिक‑डाइवर्जन और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। एंटी-डम्पिंग और सेफगार्ड से बचने के लिए नियम पढ़ें।
5) अपडेट रहें: नियम अक्सर बदलते हैं। DGFT, CBIC और वाणिज्य मंत्रालय के नोटिफिकेशन नियमित पढ़ें या किसी स्थानीय एक्सपोर्ट कंसल्टेंट से जुड़ें।
अगर आप चाहते हैं तो मैं आपके उद्योग के हिसाब से एक छोटी चेकलिस्ट बना कर दे सकता हूँ—HS कोड, संभावित समझौते, जरूरी दस्तावेज और अनुमानित कर बचत। एक बार सही सेटअप हो जाए, तो व्यापार समझौते आपके लिए नए बाजार और कम लागत दोनों ला सकते हैं।
दैनिक समाचार भारत पर ऐसे ही आसान और ताज़ा व्यापार अपडेट मिलते रहते हैं—रहे अपडेट, सही निर्णय लें और अपने व्यापार को नए बाजार तक पहुँचाइए।